Monday, March 22

पा ले उसे

सोंच एक डोर है और मन एक पतंग , एक मजूबत डोर से हीं पतंग को अपने वस में रख कर एक लम्बी उड़ान दी जा सकती है . हे पथिक इस मजबूत सोंच से उस मन रूपी पतंग को उड़ान दे और पा ले उसे, जो गगन में तेरा इंतजार कर रहा है.
--- भारतेंदु

Sunday, March 21

पुण्य पंथ पे बढ़े चलो

भीड़ से मत डरो
कर्म को करे चलो
लक्ष्य को ठान लो
पुण्य पंथ पे बढ़े चलो।

मानवता का भला करो
धरती को हरा-भरा करो
गगन में लगन से उड़े चलो
पुण्य पंथ पे बढ़े चलो।

हिमालय सा साहस भरो
गंगा-यमुना सा धारा बनो
चांद सा शीतल बनो
सूरज सा दमको तुम
पुण्य पंथ पे बढ़े चलो।


-भारतेन्दु